
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास और व्यापार एक-दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक प्रमुख व्यापार समिट में बोलते हुए उन्होंने आर्थिक विकास की इस मजबूत जोड़ी पर जोर दिया।
सिंधिया ने उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन योजना औरliberalized FDI नीतियों का उल्लेख किया, जिन्होंने अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित किया है। ‘जब विकास तेजी से होता है, व्यापार फलता-फूलता है; जब व्यापार बढ़ता है, तो विकास को नई गति मिलती है,’ उन्होंने कहा।
उन्होंने विमानन क्षेत्र के चमत्कारिक परिवर्तन पर प्रकाश डाला, जहां देशभर में नए हवाई अड्डे बन रहे हैं और कार्गो वॉल्यूम में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लॉजिस्टिक्स क्रांति, जिसमें समर्पित फ्रेट कॉरिडोर शामिल हैं, ने ट्रांजिट समय और लागत को कम किया है।
वैश्विक अवसरों की बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि महामारी के बाद सप्लाई चेन शिफ्ट में भारत आदर्श ट्रेड हब बन सकता है। हमारी कुशल श्रमशक्ति, रणनीतिक स्थिति और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हमारा बड़ा हथियार हैं।
कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों ने सिंधिया के दृष्टिकोण की सराहना की। $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, विकास-व्यापार का यह तालमेल भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।