
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि जब रखवाला ही खेत चरने लगे तो यह अक्षम्य अपराध बन जाता है। कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में सीएम ने पुलिस महकमे के काले भेड़ियों को कड़ा संदेश दिया।
सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि पुलिस का काम जनता की रक्षा करना है, न कि लूटना। ‘जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है।’ हाल के दिनों में एफआईआर दर्ज कराने से लेकर ट्रैफिक चालान तक हर काम के लिए रिश्वत की खबरें आम हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने व्यापक सुधारों का ऐलान किया। ‘जिला स्तर पर निगरानी समितियां बनेंगी। भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ हालिया छापों में कई कांस्टेबल और इंस्पेक्टर पकड़े गए हैं जो संगठित वसूली गैंग चला रहे थे।
राजनीतिक जानकार इसे चुनाव से पहले नैतिक ऊंचाई हासिल करने का प्रयास बता रहे हैं। विपक्ष ने सरकार पर अपने लोगों को बचाने का आरोप लगाया। कर्नाटक पुलिस को अब बाहरी अपराध के साथ आंतरिक सफाई का दोहरा चुनौती है। सिद्धारमैया की यह चेतावनी सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।