
मुंबई: महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के ठीक पहले राजनीतिक हंगामा मच गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर वोटरों को पैसे और सामान बांटकर लुभाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि भाजपा कार्यकर्ता मुंबई, ठाणे, पुणे समेत कई शहरों में गरीब इलाकों में नकदी और राशन बांट रहे हैं ताकि वोट खरीदे जा सकें।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। वीडियो और गवाहों के बयान मौजूद हैं। हम चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे।’ उन्होंने बीएमसी जैसे महत्वपूर्ण निकायों पर कंट्रोल के लिए भाजपा की कथित चालबाजी का पर्दाफाश किया।
यह विवाद तब भड़का जब चुनावी कैंपेन चरम पर है। 28 निकायों के चुनाव अगले महीने होने हैं, जिनमें बीएमसी सबसे बड़ा दांव है। 2022 के विधानसभा विभाजन के बाद शिवसेना यूबीटी भाजपा को कड़ी टक्कर देना चाहती है।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘यह हार का डर दिखाने वाली साजिश है। हम विकास के मुद्दों पर लड़ेंगे।’ राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना पर ही पुराने घोटालों का ठीकरा फोड़ा।
चुनाव पर्यवेक्षकों का मानना है कि अगर साबित हो गया तो प्रभावित वार्डों में पुनर्मतदान हो सकता है। शिवसेना यूबीटी सड़क प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। महाराष्ट्र की शहरी जनता इस ड्रामे को करीब से देख रही है। क्या चुनाव आयोग सख्त कदम उठाएगा?