
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख नेता आनंद दुबे ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की महत्वाकांक्षाओं पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में हुए विकास कार्यों ने जनता का दिल जीत लिया है, इसलिए बंगाल में भाजपा की दाल नहीं गलेगी।
पिछले 15 वर्षों से भाजपा ममता बनर्जी के खिलाफ रोजाना रैलियां कर रही है, लेकिन चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाई। वहीं ममता लगातार जीत दर्ज कर रही हैं। केंद्र में सत्ता होने के बावजूद राज्य में डबल इंजन सरकार न बना पाने से भाजपा बेचैन है। बंगाल की जनता उनके इरादों को विफल कर देती है। राष्ट्रपति शासन लागू होने से भी कुछ नहीं होगा।
महाराष्ट्र में 2014 के 5 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण पर दुबे ने स्पष्ट किया कि यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा और नौकरियों हेतु था, न कि धर्म आधारित। धर्मनिरपेक्ष आरक्षण से सिख, ईसाई समेत सभी समुदाय मांग करेंगे। आरक्षण आर्थिक पिछड़ेपन पर आधारित होना चाहिए।
अजित पवार के निधन पर दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अगुवाई में जांच की मांग दोहराई। डीजीसीए की जांच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने रोहित पवार के विश्लेषण और सुनेत्रा पवार की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया। क्या यह हादसा था या साजिश, समय के साथ सवाल बढ़ेंगे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को दुबे ने सनातन संस्कृति का पुराना सिद्धांत बताया। दुनिया एक परिवार है, हिंदू-मुस्लिम सब भाई हैं। भारत के मुसलमान पहले हिंदू ही थे, भाजपा इसे स्वीकार नहीं करती।