
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्षी महा विकास आघाड़ी को कड़ा संदेश दिया। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को बजट सत्र के दौरान विधानमंडल में सिद्ध किया जाए।
शिंदे ने विपक्ष की बाहर की आलोचना को खारिज करते हुए कहा, ‘सड़क पर नारे लगाने से बेहतर है कि सदन में मुद्दे उठाएं। अगर ठोस प्रमाण हैं तो विधानसभा लाएं, जहां चर्चा हो सके।’
उन्होंने विधानसभा और परिषद में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति न होने पर टिप्पणी की। ‘यह अध्यक्ष और सभापति का विशेषाधिकार है, सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं।’
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शिंदे ने ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना की सराहना की। ‘विकास और कल्याण पर हमारा फोकस है। सदन की बहस में सब स्पष्ट हो जाएगा।’
दिल्ली एआई समिट पर यूथ कांग्रेस के हंगामे की निंदा की। मुलुंड मेट्रो हादसे पर त्वरित कदम बताए- अभियंता निलंबित, सुरक्षा ऑडिट, मृतकों को 5 लाख, घायलों को इलाज, एमएमआरडीए से अतिरिक्त 15 लाख।
2026-27 बजट जनकल्याण पर केंद्रित होगा। यह चुनौती विधानसभा सत्र को रोचक बना देगी।