
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर बीजेपी नेता शाजिया इल्मी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घुसपैठियों को न केवल पनाह दे रही है, बल्कि उन्हें खुला संरक्षण प्रदान कर रही है। कोलकाता में आयोजित एक रैली में बोलते हुए इल्मी ने दावा किया कि बंगाल की सीमाएं अब छलनी हो चुकी हैं और हजारों अवैध प्रवासी बिना किसी रोकटोक के बस गए हैं।
इल्मी ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है। उन्होंने स्थानीय हिंदू समुदायों पर भूमि हड़पने और विस्थापन के कई उदाहरण पेश किए। ‘यह वोट बैंक की राजनीति है, जो राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
बीजेपी नेता ने सीबीआई जांच की मांग की और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को सख्ती से लागू करने की अपील की। टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी योजनाएं सभी निवासियों के लिए हैं। लेकिन इल्मी ने इसे ‘मगरमच्छ के आंसू’ करार दिया।
चुनावों के निकट आते ही यह विवाद तेज हो गया है। इल्मी के बयान ने बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है और बंगाल को ‘घुसपैठियों से बचाने’ का नारा बुलंद किया है। यह मुद्दा अब राज्य की राजनीति का केंद्रबिंदु बन चुका है।