
जम्मू-कश्मीर के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में हुई गोलीबारी से बाल-बाल बच गए। बुधवार रात को एक हमलावर ने उनकी सुरक्षा घेराबंदी तोड़कर करीब से फायरिंग की, लेकिन गनीमत रही कि उन्हें कोई चोट नहीं आई। इस घटना ने पूरे देश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है और कई प्रमुख नेताओं ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
एनसीपी-एसपी के प्रमुख शरद पवार ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर हुई फायरिंग चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं खतरनाक साबित हो सकती हैं, हालांकि सभी के सुरक्षित होने पर राहत है। पवार ने उनकी लंबी आयु और मजबूत सुरक्षा की कामना की।
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इसे गंभीर बताते हुए पूरी जांच और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने हिंसा की निंदा की और सख्त कार्रवाई की अपील की। एनसीपी की सुप्रिया सुले, टीएमसी की महुआ मोइत्रा और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी चिंता जताई। चतुर्वेदी ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देकर सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए।
सपा के राम गोपाल यादव ने फारूक को शरीफ व्यक्ति बताया और कश्मीर की बिगड़ती स्थिति पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एलजी के हाथों में सत्ता होने से स्थानीय नेतृत्व कमजोर है।
यह हमला न केवल एक व्यक्ति पर, बल्कि लोकतंत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। जांच से दोषियों को सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। राजनीतिक दलों का एकजुट होना सराहनीय है, लेकिन व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है।