
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक युवक के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर 1.59 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कटरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला आतिशीबाजान निवासी मोईद अली ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि उनके पड़ोसी शोएब ने अच्छी कमाई का लालच देकर उनके नाम से फर्म खोलने का प्रस्ताव रखा। भरोसा करते हुए मोईद ने अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर खुदागंज के सीए भूपेंद्र को सौंप दिया।
इसके बाद मोईद के फोन पर कई ओटीपी आए, जिन्हें उन्होंने शोएब को बता दिया। आरोपियों ने इन दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर ‘प्लेटीनम राइट होम प्रिल’ नाम की फर्जी फर्म बना ली और कागजात मोईद को दे दिए। फिर मोईद के नाम पर कई बैंकों में लिमिटेड खाते खोले गए, जिनका इस्तेमाल दिल्ली में करोड़ों का फर्जी लेन-देन करने के लिए किया गया। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर शोएब, नागेंद्र, भूपेंद्र, राजस्थान के अजहरुद्दीन, अजबदीन, अलीशा फरदीन सहित नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया। तिलहर क्षेत्राधिकारी ज्योति यादव ने बताया कि जांच में पीड़ित की बात सही पाई गई। इसके बाद मुख्य आरोपी शोएब और राजस्थान के अजबदीन व अजहरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया। बाकी आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लोग उच्च आय का लालच देकर लोगों के दस्तावेज हथियाते हैं और फर्जी फर्मों के जरिए बैंक खातों में मनी लॉन्ड्रिंग करते हैं। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और धोखाधड़ी की राशि का हिसाब लगा रही है। यह मामला शाहजहांपुर में फर्जी फर्म धोखाधड़ी और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है।