
राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेता जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने भारत रत्न पुरस्कार को लेकर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि घोटाले करने वाले जेल के हकदार हैं, न कि देश के सर्वोच्च सम्मान के। एक सार्वजनिक सभा में बोलते हुए सिग्रीवाल ने भ्रष्टाचारियों को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि यह पुरस्कार केवल निष्कलंक सेवा के लिए होना चाहिए।
उनके बयान का संदर्भ हालिया भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं को लेकर उठे विवादों से जुड़ा है। विपक्षी दल चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, तो सिग्रीवाल ने पलटवार किया। ‘लूट के धनी जेल जाएं, सम्मान के पात्र नहीं बनें,’ उन्होंने जोर देकर कहा। राजस्थान में चुनावी माहौल तपते ही यह बयान भाजपा के लिए समर्थन जुटाने वाला साबित हो रहा है।
सिग्रीवाल ने अतीत के बड़े घोटालों का जिक्र कर विपक्ष को घेरा। कोयला, 2जी जैसे मामलों में फंसे नामों को भारत रत्न की कतार में खड़ा करने का विरोध किया। भाजपा की भ्रष्टाचार विरोधी छवि को मजबूत करने के लिए यह बयान रणनीतिक है।
विपक्ष ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया, लेकिन जनता का एक बड़ा वर्ग सिग्रीवाल से सहमत दिख रहा है। सोशल मीडिया पर उनके बयान की तारीफ हो रही है। भारत रत्न, जो 1954 में शुरू हुआ, अब विवादों के घेरे में है।
सिग्रीवाल का यह ऐलान भविष्य के पुरस्कारों पर असर डाल सकता है। यह देश की राजनीति में ईमानदारी की बहस को नई गति देगा।