
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इन मंदिरों को ‘कागजों पर बने दिखावटी ढांचे’ करार देते हुए कहा कि ये सुविधाएं गरीबों के लिए किसी धोखे से कम नहीं हैं।
योजना के तहत पूरे दिल्ली में एक हजार आरोग्य मंदिर खोलने का वादा किया गया था, जो योग, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा प्रदान करेंगे। लेकिन भारद्वाज ने खुलासा किया कि 60 प्रतिशत से अधिक मंदिर अभी भी बंद पड़े हैं। दवाओं की कमी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और खराब रखरखाव ने मरीजों को परेशान कर दिया है। उन्होंने आरटीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया।
‘यह स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि लूट का धंधा है,’ भारद्वाज ने चेतावनी दी। उन्होंने मोहल्ला क्लीनिक मॉडल की तुलना में इस योजना की विफलता को रेखांकित किया। सरकार ने जवाब में ऑडिट और सुधारों का वादा किया, लेकिन विपक्ष नेता संतुष्ट नहीं हैं। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह विवाद राजनीतिक रंग ले सकता है। भारद्वाज ने सफेद पत्र जारी करने की मांग की, ताकि जनता को सच्चाई पता चले।