
झारखंड से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने होली के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस पावन पर्व को पुरानी कटुता, मतभेदों और झगड़ों को भुलाकर एक-दूसरे से गले लगने का संदेश दिया। आईएएनएस से बातचीत में सेठ ने कहा कि होली एक अत्यंत सुंदर और आकर्षक त्योहार है, जो सबको करीब लाता है।
‘साल भर की कोई भी असहमति होली के मिलन से मिट जाती है,’ उन्होंने जोर देकर कहा। सेठ ने होली को सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा बताते हुए इसके साथ-साथ दिवाली, शिवरात्रि और सावन जैसे पर्वों को पूरे उमंग से मनाने की अपील की। कुछ लोगों द्वारा होली पर पानी की बर्बादी का रोना रोने वालों पर तंज कसते हुए कहा, ‘आप अपनी गाड़ियां धोते समय कितना पानी बहाते हैं? बगीचे सींचने में कितना लगाते हैं? दिवाली पर पटाखों का विरोध न करते हुए 25 और 31 दिसंबर को धूम मचाते हैं।’
उन्होंने भोलेनाथ को दूध चढ़ाने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि उनका नाम ही भोला है, इसलिए यह निभाना जरूरी है। ‘नमो श्री अन्ना होली मिलन समारोह’ में 2023 से हजारों की भीड़ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री के मोटे अनाज अभियान की तारीफ की। बाजरा, ज्वार, रागी, मक्का जैसे पोषक अनाज अब सुलभ हैं, जो स्वास्थ्य सुधारेंगे और छोटे किसानों को सशक्त बनाएंगे।
अंत में शुभकामनाएं देते हुए सेठ ने कल्पना की कि 15 अगस्त 2047 को विकसित भारत के सपने के पूरा होने पर होली का सबसे भव्य स्वरूप दिखेगा। यह पर्व सभी के जीवन में खुशियों के रंग भर दे।