
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के आसपास नॉन-वेज खाने की डिलीवरी पर लगे प्रतिबंध का संत समाज ने जोरदार स्वागत किया है। इस कदम को धार्मिक शुद्धता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से मंदिर के 5 किलोमीटर परिधि में मीट, फिश और अंडे पर आधारित खाद्य पदार्थों की होम डिलीवरी पूरी तरह बंद कर दी गई है। संतों का एक बड़ा समागम मंदिर परिसर में हुआ, जहां महंत नृत्य गोपाल दास समेत कई प्रमुख संतों ने इसे सनातन धर्म की जीत करार दिया।
‘राम की नगरी में अशुद्ध भोजन का प्रवेश असहनीय है। यह प्रतिबंध भक्तों के लिए वरदान है,’ एक संत ने कहा। यह फैसला लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, जब से मंदिर निर्माण हुआ है, पर्यटन बढ़ने से ऐसी सेवाओं में इजाफा हो गया था।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शाकाहारी भोजन की डिलीवरी पर कोई पाबंदी नहीं है। डिलीवरी ऐप्स को जीयोफेंसिंग के जरिए क्षेत्र चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या विश्व पटल पर चमकी है। संतों का मानना है कि यह कदम अन्य तीर्थ स्थलों के लिए उदाहरण बनेगा। राम नवमी की तैयारियां जोरों पर हैं, और यह प्रतिबंध आस्था की पवित्रता को नई ऊंचाई देगा।