
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में प्राचीन सोमेश्वर धाम के कपाट प्रतिदिन भक्तों के लिए खोलने की मांग तेज होती जा रही है। ऐतिहासिक किले पर बसा यह पवित्र स्थल भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन पुरातत्व विभाग के नियमों के कारण यह साल भर बंद रहता है।
शनिवार को ‘सोमेश्वर धाम मुक्ति मोर्चा’ के नेतृत्व में संत समाज, हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों ने विशाल प्रदर्शन किया। पाटनदेव हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर सागर-भोपाल तिराहे पर समाप्त हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया।
रैली के दौरान संतों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कड़े नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही धाम के द्वार रोजाना खोलने का निर्णय नहीं लिया गया, तो हिंदू समाज उग्र संघर्ष को बाध्य होगा।
प्रदर्शनकारियों का मानना है कि महाशिवरात्रि के कुछ घंटों तक सीमित दर्शन भक्तों की भावनाओं का अपमान है। मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे नियमित रूप से खोलना अनिवार्य है।
रैली के अंत में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम मनीष शर्मा को सौंपा गया, जिसमें पुरातत्व प्रतिबंध हटाने और दैनिक दर्शन की मांग की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है, लेकिन मोर्चा नेता आंदोलन जारी रखने पर अडिग हैं।
यह विवाद रायसेन में लंबे समय से चला आ रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पुलिस ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की। अब देखना है कि प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है।