
अयोध्या में संत समाज का गुस्सा भड़क गया है। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी को अत्यंत निंदनीय बताते हुए उन्हें अयोध्या में प्रवेश करने से रोकने का ऐलान किया है। आचार्य ने साफ कहा कि जब तक स्वामी अपने अपमानजनक शब्द वापस नहीं लेंगे और योगी जी से सार्वजनिक माफी नहीं मांगेंगे, तब तक राम जन्मभूमि की पावन धरती पर उनका कदम नहीं रखने दिया जाएगा।
मंगलवार को विशेष बातचीत में आचार्य ने बताया कि स्वामी ने योगी को मुगल शासकों से जोड़कर सनातन धर्म के लाखों अनुयायियों के दिलों को ठेस पहुंचाई है। योगी केवल मुख्यमंत्री नहीं, गोरक्ष पीठ के प्रमुख भी हैं। उनके खिलाफ ऐसी भाषा अस्वीकार्य है। आचार्य ने योगी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना दिया है।
स्वामी के गोरक्षा आंदोलन पर सवाल उठाते हुए आचार्य ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ गाय को राष्ट्रमाता कहने से पूरा गोवंश सुरक्षित नहीं होगा। बैल, बछड़े और नंदी की हत्या जारी रहेगी। केंद्र और राज्यों से अपील की कि पूरे गोवंश को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें। आचार्य ने सभी सनातनियों से स्वामी का सामाजिक बहिष्कार करने को कहा। यह विवाद संत समाज में गहरी दरार पैदा कर रहा है।