
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आज मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। एआई समिट विरोध मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को मिली जमानत पर उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का अभिन्न अंग है, इसे दबाया नहीं जा सकता।
पायलट ने कहा कि सरकार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इतना डर लग गया कि उन पर गंभीर धाराएं लगा दी गईं, जबकि उदय भानु समिट में मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि पांच-छह युवा टी-शर्ट पहनकर नारे लगाते हैं तो देश की आंतरिक सुरक्षा को कैसे खतरा? यह सरकारी दमन की मिसाल है।
देश में बड़े आयोजनों पर विरोध आम है, लेकिन यहां बदले की कार्रवाई हुई। युवा नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया। पायलट ने कहा कि हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ अटल हैं।
एनएसयूआई के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के शपथग्रहण पर पायलट ने बधाई दी। राजस्थान से राष्ट्रीय स्तर तक उनका सफर प्रेरणादायक है।
पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर पायलट ने टाइमिंग पर सवाल उठाए। दो-राष्ट्र सिद्धांत का हमेशा समर्थन किया, लेकिन अब विदेश नीति से समझौता हो रहा है। नीति देशहित पर आधारित हो, न कि व्यक्तिगत छवि पर। पिछले 11 वर्षों में व्यक्तित्व-केंद्रित कूटनीति ने देश को नुकसान पहुंचाया। भारत पहले, बाकी बाद में।