
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला अयप्पा मंदिर से करोड़ों के सोने की चोरी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में मंदिर के प्रमुख पुजारी तंत्री की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह चोरी पिछले साल सामने आई थी, जब मंदिर के गर्भगृह से प्राचीन सोने के आभूषण और खजाने गायब हो गए थे।
रिपोर्ट में सुरक्षा प्रोटोकॉल में खामियों का जिक्र है और तंत्री के रस्मों के दौरान अनुपस्थिति पर सवाल खड़े किए गए हैं। जांच के करीबियों के अनुसार, तंत्री को आंतरिक कक्षों का पूर्ण अधिकार प्राप्त है, जिससे संदिग्ध पहुंच आसान हो सकती है। कोर्ट में पेश यह रिपोर्ट पूरे मामले को नई दिशा दे सकती है।
भक्तों में आक्रोश व्याप्त है। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। भाजपा ने एलडीएफ सरकार पर प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाया है, जबकि सत्ता पक्ष निष्पक्ष जांच का दावा कर रहा है। मंदिर प्रशासन में व्यापक सुधार की मांग तेज हो गई है।
यह घटना धार्मिक स्थलों के खजाने के प्रबंधन पर सवाल उठाती है। क्या यह खुलासे सुधार लाएंगे? सबरीमाला की पहाड़ियों से न्याय की प्रतीक्षा जारी है।