
मुंबई के जुहू में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के बंगले पर हुई फायरिंग की जांच ने अपराध की गहरी परतें खोल दी हैं। अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें सोमवार को पकड़े गए छह को 25 फरवरी तक रिमांड पर भेजा गया। क्राइम ब्रांच की पूछताछ से कई हैरान करने वाले राज सामने आए हैं।
उत्तर प्रदेश के विष्णु कुशवाहा मुख्य भर्तीकर्ता निकला, जिसने शूटर दीपक शर्मा, सनी कुमार, सोनू कुमार सहित बाकी सदस्यों को हिंदुत्व की भावनाओं और भारी कमाई के वादों से लुभाया। मास्टरमाइंड शुभम लोनकर के साथ मिलकर उसने पूरी साजिश रची।
क्राइम ब्रांच को पता चला कि शुभम ने विष्णु को पैसे ट्रांसफर किए, जिन्होंने आगे अन्यों तक पहुंचाए। बिश्नोई गैंग से जुड़े विष्णु ने बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया, जो सोशल मीडिया पर हथियारों की रील्स डालते थे।
विष्णु ने लॉरेंस बिश्नोई की छवि का फायदा उठाकर जल्दी अमीर बनने का ख्वाब दिखाया। दीपक को फायरिंग ट्रेनिंग मिलने का शक है, जिसकी तलाश में यूपी एसटीएफ और मुंबई पुलिस जुटी हैं।
फायरिंग के बाद शूटर आगरा-नोएडा भागे, जहां जतिन और विशाल ने उन्हें पनाह दी, जो मिशन से वाकिफ थे। फोन बंद रखने से लोकेशन ट्रैकिंग में देरी हुई। यह मामला गैंग्स के युवा भर्ती तंत्र को उजागर करता है, जहां धर्म और धन का मिश्रण इस्तेमाल होता है। जांच आगे बढ़ रही है।