
मुंबई में सोमवार को शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत की जांच को लेकर सीबीआई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने पर महाराष्ट्र का ‘मराठी मानुष’ अपनी ताकत दिखाएगा।
रोहित पवार ने अमोल मितकारी, रूपाली थोम्बारे जैसे कार्यकर्ताओं के लगातार उठाए जा रहे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि पिछले महीने सीबीआई ने क्या प्रगति की? सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिया? आपराधिक जांच शुरू हुई? सिर्फ दो सतही रिपोर्टें ही आई हैं, गहन जांच जरूरी है।
उन्होंने सत्ताधारी लोगों और वीएसआर एविएशन कंपनी के बीच मंत्रियों सहित संबंधों के सबूत होने का दावा किया। सीबीआई जांच का स्वागत तो किया, लेकिन 7,075 अनसुलझे मामलों का हवाला देकर संदेह जताया। मामलों को ठंडे बस्ते में डालने जैसी स्थिति से बचने के लिए समय सीमा तय हो।
मुख्यमंत्री को औपचारिक पत्र और सबूतों के साथ सौंपने की तैयारी है। अमित शाह और डीजीसीए को रिपोर्ट भेजी गई, लेकिन 70 प्रतिशत जानकारी रोकी गई। राजनीति नहीं, सिर्फ सही जांच की मांग। अजित पवार की इच्छा यही थी, संजय राउत जैसे एमवीए नेताओं ने भी यही कहा।
शरद पवार के मुंबई आने और एमवीए नेताओं से चर्चा के बाद अंतिम फैसला। रोहित ने अजित को याद करते हुए कहा, उनकी हाजिरजवाबी, अनुशासन और सत्रों में सक्रियता याद रहेगी। महाराष्ट्र को सच्चाई जानने का हक है, जन मुद्दों पर लड़ाई जारी रहेगी।