
कोलकाता में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समारोह आयोजित हो रहा है, जहां पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आरएन रवि पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। राजभवन में सुबह 11:30 बजे होने वाले इस समारोह में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल शपथ दिलाएंगे।
रवि बुधवार देर रात कोलकाता पहुंचे हैं। उनके शपथ ग्रहण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यह नियुक्ति उनके पूर्ववर्ती सीवी आनंद बोस के 5 मार्च को अचानक दिए इस्तीफे के बाद हुई है।
बोस के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी थी। तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र के दबाव से जोड़ा, जबकि बोस ने साफ कहा कि यह उनका निजी फैसला था। ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय पर बिना सलाह के रवि की नियुक्ति की घोषणा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री ने केवल सूचना दी कि आरएन रवि को राज्यपाल बनाया जा रहा है। परंपरा के अनुसार कोई परामर्श नहीं हुआ।’ यह कदम संविधान की भावना और संघीय ढांचे को कमजोर करता है, उनका मानना है।
पिछले डेढ़ दशक में रवि इंटेलिजेंस ब्यूरो के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी हैं जो इस पद पर पहुंचे। 2011 में एमके नारायणन को यह जिम्मेदारी मिली थी। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के बीच यह नियुक्ति संयोग मात्र है या कुछ और, राजनीतिक जानकारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। रवि का कार्यकाल राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।