
बिहार की सियासत में गरमाई हवा के बीच आरजेडी प्रवक्ता ने भाजपा नेता सुरेश पासी के बयान पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर धर्म के नाम पर नफरत का जहर घोल रही है ताकि समाज को बांट सके। यह विवाद पासी के एक सार्वजनिक सभा में दिए गए विवादास्पद बयान से भड़का, जिसे धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताया जा रहा है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत में आरजेडी प्रवक्ता ने कहा, ‘भाजपा का एकमात्र एजेंडा है धार्मिक नफरत फैलाना। बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का यह उनका पुराना हथकंडा है।’ उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी राजनीति बिहार की सामाजिक एकता को खतरे में डाल रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा अपनी हिंदू वोट बैंक को साधने के लिए ऐसी रणनीति अपना रही है। लेकिन विपक्षी दल इसे उजागर कर एकजुट हो रहे हैं। आरजेडी ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू ने अभी चुप्पी साधी है, जिससे गठबंधन में दरार की अटकलें तेज हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो चुका है और बहस छिड़ गई है। आरजेडी का कहना है कि वे कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।
यह घटना बिहार की राजनीति की कड़वी हकीकत उजागर करती है। क्या वोटर नफरत को तरजीह देंगे या विकास को? आने वाले दिनों में और टकराव तय हैं।