
नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के कदम को वे संवैधानिक मर्यादा पर सीधा हमला बता रहे हैं। रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
बजट सत्र का यह महत्वपूर्ण हिस्सा सोमवार से शुरू हो रहा है, लेकिन विपक्ष का यह कदम चर्चा का केंद्र बन गया है। रिजिजू ने कहा, ‘यह दुखद है कि सत्र की शुरुआत स्पीकर के खिलाफ अविश्वास से हो रही है। हम इसका जवाब जरूर देंगे, लेकिन सवाल यह है कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को तार-तार करने की होड़ कब तक चलेगी?’
उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर कटाक्ष किया। ‘ये लोग न लोकतंत्र को मानते हैं, न किसी संस्था को। हर संवैधानिक पद पर इन्होंने प्रहार किया है। अब तो एक परिवार ही इनका लक्ष्य रह गया है।’ रिजिजू ने स्पीकर के पद को संसद की आखिरी पवित्रता का प्रतीक बताया, जिसे भी कांग्रेस ने निशाना बनाया।
‘हमें लगा था कि कम से कम यह पद बचेगा, लेकिन इन्होंने इसकी भी धज्जियां उड़ा दीं। कांग्रेस को इसका पछतावा होगा।’ रिजिजू के बयान से सत्ताधारी दल में एकजुटता का संदेश गया है। सत्र के दौरान यह मुद्दा गरमाता रहेगा, जो बजटीय चर्चाओं को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक गलियारों में अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या विपक्ष की यह रणनीति उलटी पड़ेगी।