
मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा और मैहर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों के निर्माण को तेज करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। भोपाल में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शुक्ला ने भूमि अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर दिया।
रीवा अपने खनिज संपदा के लिए जाना जाता है, जबकि मैहर सीमेंट उद्योग का केंद्र रहा है। इन दोनों क्षेत्रों को औद्योगिक गलियारे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, रीवा में 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और मैहर के लिए 500 हेक्टेयर का सर्वे पूरा हो चुका है।
शुक्ला ने उद्योग विभाग को अगले 45 दिनों में बिजली, पानी और सड़क संपर्क की योजनाएं अंतिम रूप देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘देरी बर्दाश्त नहीं होगी। कपड़ा, कृषि प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना होगा।’ भूमि विवाद और पर्यावरणीय मंजूरी जैसे मुद्दों के समाधान के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्थानीय व्यापारियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि इससे हजारों रोजगार सृजित होंगे और सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार 2025 के मध्य तक पहले चरण को चालू करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की नींव रखी जा रही है, जो मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।