
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए किसानों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभूतपूर्व 83.46 लाख टन उर्वरक का भंडार तैयार किया है। यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
वैश्विक बाजार में उर्वरक कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच यह निर्णय किसानों को राहत प्रदान करेगा। खरीफ और रबी दोनों ही फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध होंगे।
कृषि मंत्री ने बताया कि विभिन्न राज्यों की मिट्टी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संतुलित मिश्रण तैयार किया गया है। लंबी अवधि के आयात अनुबंधों और घरेलू उत्पादन वृद्धि से यह उपलब्धि हासिल हुई है।
इससे 14 करोड़ से अधिक किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे प्रमुख राज्यों में पैदावार में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। खाद्य मुद्रास्फीति पर नियंत्रण भी संभव होगा।
वितरण के लिए 2.3 लाख से अधिक खुदरा बिंदु सक्रिय किए गए हैं। डिजिटल पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी तथा कालाबाजारी रोकी जाएगी। भविष्य में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की योजनाएं भी तैयार हैं। यह पहल किसानों के कल्याण में नया आयाम जोड़ेगी।