
भारत के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। प्रोजेक्ट वीर गाथा में इस बार 1.92 करोड़ छात्रों ने भाग लिया है, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। परम वीर चक्र विजेताओं की वीरता की कहानियों को समर्पित यह राष्ट्रव्यापी अभियान युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत करने में सफल साबित हुआ है।
इस परियोजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों को देश के वीर सपूतों की बहादुरी से रूबरू कराना है। पूरे देश भर से छात्रों ने चित्रकला, निबंध, कविताएं और लघु फिल्में बनाकर इन नायकों की गाथाओं को जीवंत किया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आई लाखों प्रविष्टियां इसकी व्यापकता को दर्शाती हैं।
मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर लांस नायक अल्बर्ट एका तक, इन वीरों की कहानियों ने बच्चों को प्रेरित किया। सरकारी और निजी स्कूलों में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इसे छात्रों में साहस और त्याग के मूल्यों को स्थापित करने वाली पहल बताया।
मूल्यांकन प्रक्रिया में कलाकार, इतिहासकार और सैन्य विशेषज्ञ भाग लेंगे। विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। यह परियोजना इतिहास को जीवंत बनाने का एक शानदार माध्यम साबित हो रही है। आने वाली पीढ़ियां इन गाथाओं से प्रेरणा ग्रहण करती रहेंगी।