
गणतंत्र दिवस का उत्साह पूरे देश में छाया हुआ है। यह दिन न केवल संविधान की याद दिलाता है, बल्कि उन वीरों को भी सम्मान देता है जिन्होंने वास्तव में देश की रक्षा की। बॉलीवुड के कई अभिनेता ऐसे हैं जिन्होंने स्क्रीन पर वीरता दिखाने से पहले वर्दी पहनकर सीमाओं पर खड़े होकर दुश्मन को ललकारा। आइए जानें इन सच्चे देशभक्तों की कहानियों को।
हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति राजपथ पर भव्य परेड की कमान संभालते हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना के जवान मार्च करते हैं, सांस्कृतिक झांकियां सजती हैं। यह एकता और लोकतंत्र का प्रतीक है। ऐसे मौके पर उन सितारों पर नजर डालें जिन्होंने सेना में सेवा की।
नाना पाटेकर ने 1999 के कारगिल युद्ध में सेना का साथ दिया। द्रास जैसे इलाकों में तैनाती के बाद उन्हें मानद कैप्टन और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल का सम्मान मिला।
गुफी पेंटल 1962 के भारत-चीन युद्ध में बॉर्डर पर जवान बने, फिर महाभारत के शकुनि मामा के रूप में अमर हो गए।
मेजर बिक्रमजीत कंवरपाल 2002 में रिटायर हुए और पवित्र रिश्ता, 2 स्टेट्स जैसी चीजों में चमके।
अच्युत पोद्दार 1962-67 तक कप्तान रहे, थ्री इडियट्स में हंसी बिखेरी और 125 फिल्में कीं।
प्रवीण सोबती बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट थे, एशियाड-कॉमनवेल्थ में पदक जीते, महाभारत में भीम बने।
रुद्राशीष मजूमदार ने सात साल मेजर के रूप में सेवा दी, छिछोरे जैसी फिल्मों में सफल हुए।
रहमान 1940 के दशक में एयर फोर्स पायलट ट्रेनी थे, क्लासिक फिल्मों में नजर आए।
ये कहानियां गणतंत्र दिवस पर हमें प्रेरित करती हैं कि सच्ची वीरता क्या होती है।