
बिहार की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की तारीफ करते हुए कहा है कि उनमें मुख्यमंत्री बनने की पूरी योग्यता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला नीतीश कुमार और एनडीए नेताओं को ही लेना होगा।
आरसीपी सिंह ने विशेष बातचीत में निशांत की राजनीतिक समझ की सराहना की। उनके अनुसार निशांत का भविष्य स्वर्णिम हो सकता है। लंबे समय से उनका निशांत से व्यक्तिगत संबंध रहा है और उन्होंने पार्टी जॉइन करने पर आशीर्वाद भी दिया था।
निशांत के राजनीति में प्रवेश को सकारात्मक बताते हुए सिंह ने कहा कि अगर उन्हें डिप्टी सीएम का पद योग्य लगता है तो सीएम बनने में क्या बाधा। लेकिन अंतिम निर्णय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर करेगा।
राजनीतिक नेतृत्व की असली परीक्षा गुटों को एकजुट करने में होती है, सिंह ने जोर देकर कहा। विभिन्न विचारों वाले नेताओं को साथ लेकर चलना ही सच्चा नेतृत्व है।
8 मार्च को निशांत के पार्टी प्रवेश समारोह में नीतीश कुमार की अनुपस्थिति पर सिंह ने अफसोस जताया। अगर सीएम मंच पर होते और निशांत आशीर्वाद लेते तो समर्थकों में मजबूत संदेश जाता। राजनीतिक मंच पर पैर छूना प्रतीकात्मक महत्व रखता है।
जदयू में वापसी के सवाल पर सिंह ने चुप्पी साध ली। नीतीश के राज्यसभा जाने की अफवाहों को उन्होंने अस्वाभाविक बताया। हाल ही में एनडीए ने उनके नेतृत्व में चुनाव जीता, दसवीं बार शपथ ली और विकास कार्यों में सक्रिय हैं।
भाजपा की भूमिका पर सिंह ने 2020 का जिक्र किया जब भाजपा के पास ज्यादा सीटें थीं फिर भी नीतीश को समर्थन दिया। पीएम मोदी ने उन्हें समझाया। जनादेश नीतीश के नाम पर था।
निशांत को बिहार के 46 मंत्रालयों वाले प्रशासन का अनुभव लेना चाहिए। किताबी ज्ञान अलग, जिम्मेदारी से सीख मिलती है। सिंह ने निष्कर्ष में कहा कि नेतृत्व का सफर अनुभव पर टिका है।