
मुंबई से महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को घोषणा की कि आरबीआई बैंकों के ग्राहकों को छोटे मूल्य के वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में त्वरित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी करेगा।
यह कदम 2017 के मौजूदा निर्देशों की समीक्षा के बाद उठाया जा रहा है, जो अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन में ग्राहक दायित्व को परिभाषित करते हैं। बैंकिंग और भुगतान क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को देखते हुए इनकी आवश्यकता महसूस हुई। छोटे धोखाधड़ी लेनदेन के लिए विशेष मुआवजा संरचना वाला मसौदा जल्द ही जनता के सुझावों के लिए खुलेगा।
गवर्नर ने बताया कि डिजिटल युग में ग्राहकों की सुरक्षा प्राथमिकता है। इसके साथ ही बैंकों और एनबीएफसी द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री पर सख्ती बढ़ेगी। ऐसी प्रथाओं से ग्राहकों और संस्थानों दोनों को नुकसान होता है।
बैंक काउंटरों पर तीसरे पक्ष के उत्पाद ग्राहकों की जरूरतों और जोखिम सहनशीलता के अनुरूप ही बेचे जाएंगे। विज्ञापन, विपणन और बिक्री संबंधी व्यापक निर्देशों का ड्राफ्ट भी शीघ्र जारी होगा।
वसूली एजेंटों और ऋण वसूली के मौजूदा आचरण नियमों को एकीकृत करने का फैसला भी लिया गया है। विभिन्न संस्थाओं के लिए बिखरे निर्देशों को समन्वित मसौदा बनेगा, जो सार्वजनिक परामर्श के लिए उपलब्ध होगा।
ये सुधार वित्तीय क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और ग्राहक हितैषी बनाएंगे। आरबीआई की यह पहल डिजिटल बैंकिंग के जोखिमों से आम आदमी की रक्षा करेगी।