
बिहार के राजगीर जू सफारी में पर्यटकों के लिए खुशहाल समाचार है। पटना चिड़ियाघर से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लाए गए दुर्लभ सफेद बाघ ‘केसरी’ को अब खुले बाड़े में मुक्त कर दिया गया है। सफारी की सुरक्षित गाड़ियों से सवार होकर अब आगंतुक इस बेमिसाल बाघ को जंगल जैसे वातावरण में नजदीक से निहार सकेंगे।
केसरी के आगमन ने सफारी के रोमांच को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। बच्चे, परिवार और वन्यजीव प्रेमी उसके दूधिया रंग और जोरदार गुर्राहट से मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। कैमरों में ये पल कैद करते हुए कई पर्यटक इसे जीवन का सर्वश्रेष्ठ अनुभव बता रहे हैं।
निदेशक रामसुंदर एम ने कहा कि केसरी का यहां आना गौरवपूर्ण है। गहन निगरानी के बाद पाया गया कि वह स्थानीय मौसम में पूरी तरह सहज है। प्राकृतिक आवास जैसा बाड़ा तैयार किया गया है, जिससे बिना तनाव के वह स्वाभाविक जीवन जी सके। पर्यटक सुरक्षित दूरी से इसका आनंद ले सकेंगे।
परिसर पर्यावरण अनुकूल है, जिसमें आधुनिक सुरक्षा और मजबूत वाहन हैं। इससे बिहार पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। सफारी में वर्तमान में 10 शेर, 5 भालू, 4 तेंदुए, 4 बाघ और 250 हिरण हैं।