
बिहार की राजनीति में यादव परिवार के दो धड़ों के बीच तनाव के बीच एक सकारात्मक खबर सामने आई है। पटना साहिब से बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव ने स्पष्ट कहा कि वे अपने भतीजे तेजप्रताप यादव के दही चूड़ा कार्यक्रम में अवश्य शामिल होंगे।
दही चूड़ा बिहार का पारंपरिक त्योहार है, जो फाल्गुन मास में वसंत का स्वागत करता है। इस अवसर पर दही और चूड़ा परोसा जाता है, जो सादगी और समृद्धि का प्रतीक है। तेजप्रताप यादव, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे, हर साल इस कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करते हैं।
रामकृपाल ने कहा, ‘तेजप्रताप के दही चूड़ा कार्यक्रम में मैं जरूर जाऊंगा।’ यह बयान परिवारिक एकता का संदेश देता है, भले ही राजनीतिक मतभेद गहरे हों। 2014 के लोकसभा चुनाव में रामकृपाल ने लालू की बेटी मीसा भारती को हराया था, जिससे पारिवारिक रिश्ते प्रभावित हुए।
राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी संदर्भ में देख रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और यादव वोट बैंक महत्वपूर्ण है। यह उपस्थिति दोनों पक्षों के समर्थकों को एकजुट करने का संकेत हो सकती है।
कार्यक्रम में लोकगीत, नृत्य और सामूहिक भोज की तैयारियां जोरों पर हैं। क्या अन्य परिवारजन भी पहुंचेंगे, यह देखना रोचक होगा। यह घटना दर्शाती है कि परंपराएं राजनीति से ऊपर होती हैं।
बिहार जैसे राज्य में जहां जातिगत समीकरण हावी रहते हैं, ऐसे पारिवारिक आयोजन राजनीतिक संदेश बन जाते हैं। रामकृपाल की पुष्टि से कार्यक्रम की चकाचौंध बढ़ गई है।
