
राजौरी के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में शनिवार को युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय के ‘माय भारत’ द्वारा आयोजित जिला स्तरीय ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ ने युवाओं को लोकतंत्र की गहराइयों में उतरने का अवसर प्रदान किया। ‘आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक’ विषय पर केंद्रित यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व की चेतना जगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
प्रतिभागी छात्रों ने प्रभावी वक्तृताओं के जरिए 1975-77 के उस काले दौर को याद किया, जब मौलिक अधिकारों पर ताला लग गया था। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा, नागरिक भागीदारी को बढ़ावा और सत्ता के दुरुपयोग रोकने पर बल दिया।
निर्णायकों की जूरी में डॉ. महमूद बज्जर, प्रो. बशीर अहमद, संदीप शर्मा, विक्रांत शर्मा और सोफिया शाहीन शामिल रहे। उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन सामग्री की गहराई, स्पष्टता, आत्मविश्वास तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ के आधार पर किया।
कार्यक्रम का संचालन नितिन हंगलू और डॉ. खलीक अहमद ने कुशलतापूर्वक किया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. अनवार शाह रहे, जिनके साथ डॉ. सलीम वानी, डॉ. मुर्तजा एवं कनव बद्याल उपस्थित थे।
जिला स्तर पर शीर्ष 10 युवा अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उतरेंगे। राज्य से चयनित तीन विजेता राष्ट्रीय स्तर पर संसद भवन में प्रतिनिधित्व करेंगे। यह मंच ‘विकसित भारत@2047’ के स्वप्न को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका को रेखांकित करता है।