
नई दिल्ली। विश्व स्तर पर अनिश्चितताओं के भंवर में घिरे दौर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं से शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से मजबूत बने रहने का आह्वान किया है। दिल्ली कैंट के गणतंत्र दिवस शिविर में एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशव्यापी मॉक ड्रिल के जरिए जन जागृति फैलाने वाले इन बहादुर कैडेट्स से प्रेरणा लेने को कहा।
एनसीसी को राष्ट्र की दूसरी रक्षा पंक्ति बताते हुए सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान व पीओके में छिपे आतंकियों को नेस्तनाबूद कर दिया। सैनिकों ने साहस, संयम व सटीकता का परिचय दिया। एनसीसी कैडेट्स ने इस दौरान अपनी भूमिका बखूबी निभाई।
महाभारत के अभिमन्यु का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं को हर चक्रव्यूह भेदने की कला सिखाने पर जोर दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका अहम है। एनसीसी युवाओं को अनुशासन, देशभक्ति व जीवन कौशल प्रदान करती है, जो वीडियो गेम्स व त्वरित सुखों के युग में उन्हें सशक्त बनाती है।
सिंह ने कहा कि एनसीसी धैर्य, एकाग्रता व आपदा प्रबंधन सिखाती है। प्लान ए के साथ बी व सी भी तैयार रखें। बारिश के बाद धूप अवश्य निकलती है। परमवीर चक्र विजेता मनोज पांडे, विक्रम बत्रा से लेकर पीएम मोदी तक एनसीसी के पूर्व कैडेट हैं। 1965-71 युद्धों में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
77वें गणतंत्र दिवस से पूर्व संविधान को अधिकार-कर्तव्य का आधार बताते हुए उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को ध्वजवाहक बनाने को कहा। समारोह में अर्पुन दीप कौर व पाल्डेन लेपचा को रक्षा मंत्री पदक, लीशा देजप्पा सुवर्णा आदि को प्रशस्ति पत्र मिले। गार्ड ऑफ ऑनर, बैंड प्रदर्शन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समा बांधा।