
राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले के प्रमुख आरोपी पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की तलाश में पुलिस ने कई राज्यों में युद्ध स्तर पर अभियान तेज कर दिया है। 17 फरवरी से चला यह विशेष ऑपरेशन 4 मार्च को अपने 16वें दिन में पहुंचा, जिसमें 40 विशेष खोज दलों को लगाया गया है। इनमें एएसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनकी निगरानी डीआईजी और एसपी कर रहे हैं।
राजस्थान समेत 21 शहरों के 100 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे गए, जिनमें जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, दिल्ली, चंडीगढ़, फरीदाबाद, नोएडा, मुंबई जैसे प्रमुख स्थान हैं। जयपुर के सी-स्कीम, दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी, मुंबई के जुहू-मालाबार हिल जैसे पॉश इलाकों में फार्म हाउस, फ्लैट और होटलों की तलाशी ली गई।
50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है, जिसमें आरोपी के परिजन, मित्र, नौकरानी, ड्राइवर शामिल हैं। सहायता के आरोप में चार को हिरासत में लिया गया। पांच शहरों के सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों से फरार की लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
जून 2023 में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा उजागर यह घोटाला ग्रामीण जल आपूर्ति योजना से जुड़ा है। 20 नाम सामने आए हैं। एसीबी-ईडी-सीबीआई की संयुक्त छापों में दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड में 10 गिरफ्तारियां हुईं।
यह अभियान भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देता है। सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी से घोटाले का पर्दाफाश तेज होगा, जनता का विश्वास बहाल होगा।