
राजस्थान सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। मात्र 15 दिनों में 90 से अधिक आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। यह कार्रवाई राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें जिलों में छापेमारी कर रही हैं। नागौर, भीलवाड़ा, उदयपुर जैसे क्षेत्रों में मशीनरी जब्त की गई है। लाखों-करोड़ों कीमत के खनिजों का स्टॉक बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि बड़े सिंडिकेटों को नेस्तनाबूद करने का लक्ष्य है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने सराहना की है। अवैध खनन से जंगल नष्ट हो रहे थे, मिट्टी का कटाव बढ़ रहा था। स्थानीय लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं। धूल और भारी वाहनों की समस्या कम हुई है।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद यह मुहिम तेज हुई। अब ड्रोन और सैटेलाइट की मदद से निगरानी बढ़ाई जा रही। भविष्य में 24 घंटे पेट्रोलिंग होगी। राज्य सरकार ने पुनर्वास के लिए बजट भी जारी किया। यह अभियान अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा।
