
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक रेप मामले की जांच के दौरान भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। धोलापानी थाने के एसएचओ प्रवीण कुमार चरण को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को अधिकारियों ने इस कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की।
एसीबी डूंगरपुर इकाई को मिली शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत में आरोप था कि आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता के भाई को मामले में राहत देने और पिता को फंसाने से बचाने के बदले पैसे मांगे थे। पुलिस महानिदेशक (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलते ही तत्काल एक्शन लिया गया।
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर टीम ने जाल बिछाया। डीआईजी उदयपुर रेंज डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में डिप्टी एसपी रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में बुधवार को ऑपरेशन चला। निंबाहेड़ा हाईवे पर नरसिंहपुरा टोल प्लाजा के पास आरोपी की निजी गाड़ी रोकी गई।
तलाशी में 2,87,150 रुपये नकद बरामद हुए, जो रिश्वत की राशि बताई जा रही है। आरोपी के पास से मिले पैसे के बारे में संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। उसके सरकारी आवास की तलाशी भी जारी है।
अतिरिक्त महानिदेशक (एसीबी) स्मिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में आरोपी से पूछताछ चल रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे जांच जारी है। यह घटना पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े करती है। रेप जैसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले। एसीबी की यह सख्ती भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है।
