
जयपुर की विधानसभा बुधवार को राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के दौरान तूफानी हो गई। बेरोजगारी, कौशल विकास और आदिवासी अधिकार जैसे मुद्दों पर सत्ताधारी भाजपा व विपक्षी कांग्रेस के सदस्य आमने-सामने आ गए। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने युवाओं के रोजगार पर बोलते हुए असंसदीय भाषा का सहारा लिया, जिससे सदन में भारी विवाद छिड़ गया।
धारीवाल ने चेतावनी दी कि यदि करोड़ों युवाओं को कौशल प्रदान नहीं किया गया तो बढ़ती आबादी देश के लिए खतरा बन जाएगी। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने तंज कसा, ‘देश में एक युवा को छोड़ सभी को नौकरी मिल गई।’ धारीवाल के जवाब में अपमानजनक शब्द सुनाई दिए। गर्ग ने आपत्ति जताते हुए कार्यवाही से हटाने की मांग की, जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया। धारीवाल पहले भी ऐसे विवादों में फंसे हैं।
चौरासी से बीएपी विधायक अनिल कटारा ने आदिवासी क्षेत्रों में जंगलों की कटाई, जमीन हड़पने और खनन का आरोप लगाया। उन्होंने अलग भील राज्य की मांग दोहराई और आंदोलन की चेतावनी दी। कांग्रेस की रमिला खड़िया ने टीएडी मंत्री पर मनमानी, पक्षपातपूर्ण नियुक्तियां, वेतन विलंब और आंगनवाड़ी भोजन की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया।
मंत्री ने खड़िया की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने का ऐलान किया। प्रश्नकाल में भी झड़पें हुईं, खासकर शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा पर। हंगामे के कारण सदन गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित हो गया।