राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शानदार कार्रवाई को अंजाम दिया। बारां जिले के अंता नगर पालिका में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर महेंद्र सिंह के पास से शनिवार को 3.70 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की गई। करौली इकाई की इस सफलता ने भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मचा दिया है।

ब्यूरो मुख्यालय से प्राप्त गोपनीय सूचना पर अमल करते हुए एसीबी टीम ने महेंद्र सिंह पर नजर रखी। जानकारी थी कि वह अपने पैतृक स्थान हिंडौन सिटी जा रहा था, जहां उसने अवैध धन जमा किया हुआ था।
पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में इंस्पेक्टर जगदीश भारद्वाज की अगुवाई वाली टीम ने बयाना रोड पर अचानक जांच की। सिंह के पास से मिली नकदी का कोई वैध स्रोत या दस्तावेज नहीं मिला।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई विश्वसनीय स्रोतों की पक्की खबर पर आधारित थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूछताछ शुरू हो चुकी है, जिसमें रिश्वतखोरी या पद के दुरुपयोग की पड़ताल होगी।
अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और एस. परिमला जांच की निगरानी कर रही हैं। वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और सरकारी कार्यों की गहन जांच होगी।
एसीबी ने सरकारी महकबों में भ्रष्टाचार उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया। ऐसी आकस्मिक छापेमारी जारी रहेंगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। यह घटना राजस्थान में स्वच्छ प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
