
मुंबई में बुधवार को एक दिलचस्प राजनीतिक मुलाकात हुई जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक बंगले नंदनवन में उनसे भेंट की। इस चर्चा का केंद्र मुंबई की अमूल्य विरासत इमारतों और वास्तुशिल्प को बचाने पर रहा, जो हालिया चुनावी मतभेदों के बाद महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
शिंदे और उनके पुत्र डॉ. श्रीकांत शिंदे के साथ राज ठाकरे ने गहन बातचीत की। बंगले की दीवारों पर सजी दुर्लभ पुरानी तस्वीरों ने ठाकरे का खास ध्यान खींचा। उन्होंने इन ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी यादें साझा कीं और संरक्षण प्रयासों की तारीफ की।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक, विरासत फोटोग्राफी और संरक्षण नीतियों पर विस्तृत विमर्श हुआ। शिंदे ने शहर में ऐसी संरचनाओं को प्रोत्साहन देने वाली सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
नंदनवन खुद एक ऐतिहासिक संपत्ति है। ठाकरे ने इसके परिसर का दौरा किया, जहां समान शैली में बने हिस्सों ने विरासत की पहचान बनाए रखी।
शिंदे ने मुख्यमंत्रित्व काल के नीतिगत फैसलों का जिक्र किया, जिन्होंने पारंपरिक वास्तुकला को मजबूत किया। बीएमसी चुनावों के बाद पहली यह मुलाकात—जहां शिंदे गुट को 29 और मनसे को 6 सीटें मिलीं—राजनीतिक सामंजस्य का संकेत देती है।
मुंबईवासियों के लिए यह सकारात्मक है, क्योंकि शहर के विक्टोरियन और आर्ट डेको खजाने खतरे में हैं। ऐसी एकजुटता से संरक्षण को नई गति मिल सकती है।