
कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी अयोध्या स्थित राम मंदिर के दर्शन के लिए जाने को तैयार हैं। पार्टी के प्रवक्ता तनुज पुनिया ने स्पष्ट किया कि समय और सुविधा उपलब्ध होते ही राहुल जी राम मंदिर पहुंचेंगे। यह बयान उस समय आया है जब राम मंदिर को लेकर राजनीतिक बहसें तेज हैं।
पुनिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी करोड़ों भक्तों की आस्थाओं का सम्मान करते हैं। वे राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप मानते हैं। जनवरी में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार चुनावी रणनीति का हिस्सा था, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर उनकी भक्ति निर्विवाद है।
राम मंदिर आंदोलन ने दशकों तक देश को प्रभावित किया। भाजपा इसे अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि मानती है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिकरण का आरोप लगाता रहा। पुनिया का बयान कांग्रेस की नई रणनीति को दर्शाता है, जिसमें सांस्कृतिक मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया जा रहा है।
आज अयोध्या पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। लाखों श्रद्धालु प्रतिमाह दर्शन के लिए आ रहे हैं। राहुल गांधी का दौरा इस धार्मिक स्थल को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। पार्टी कार्यकर्ता इसे स्वागतयोग्य कदम बता रहे हैं।
यह घोषणा राजनीतिक ध्रुवीकरण को कम करने का संकेत देती है। राम राज्य के आदर्शों को आधुनिक शासन से जोड़ते हुए राहुल गांधी समानता और न्याय की बात करते रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर अमल देखने को मिलेगा।