
वायनाड। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अमेरिकी दबाव में किसानों के हितों का बलिदान देने को तैयार है। कन्नूर जिले के पेरावूर में आयोजित करशका संगमम की विशाल सभा में बोलते हुए उन्होंने कृषि को देश की रीढ़ बताया।
गांधी ने चेतावनी दी कि अमेरिका के अत्याधुनिक मशीनीकृत खेती वाले उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश मिलने से छोटे व सीमांत किसान बर्बाद हो जाएंगे। ‘छोटे किसानों को विशाल अमेरिकी फार्मों से मुकाबला करने को मजबूर करना देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर देगा,’ उन्होंने कहा।
उन्होंने कृषि नीतियों को सरकार की बड़ी राजनीतिक व आर्थिक प्राथमिकताओं से जोड़ा। वायनाड के पूर्व सांसद के नाते उन्होंने पहाड़ी इलाकों में मानव-पशु संघर्ष को आजीविका का बड़ा खतरा बताया, जिसके लिए नीतिगत हस्तक्षेप, वैज्ञानिक उपाय व तत्काल सुरक्षा जरूरी है।
केरल विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए राहुल ने किसानों से यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के घोषणापत्र को आकार देने का आह्वान किया। उन्होंने एमएसपी बढ़ाने, कोल्ड चेन व भंडारण सुविधाओं का विस्तार व फसल नुकसान पर त्वरित सहायता का वादा किया।
गांधी ने कहा कि आने वाले महीनों में तय होगा कि नीतियां बड़े खिलाड़ियों के हित में होंगी या करोड़ों छोटे किसानों के, जो देश की खाद्य सुरक्षा व ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं। सभा में उनके भाषण पर भारी तालियां गूंजीं।