
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस की ‘किसान महा चौपाल’ में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया। भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित इस विशाल सभा में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने संसद में इस पर चर्चा की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। किताब के अनुसार, चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे। नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर निर्देश मांगे, लेकिन कोई साफ जवाब नहीं मिला।
नरवणे ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी संपर्क साधा, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। लगभग दो घंटे बाद फिर रक्षा मंत्री से बात हुई और प्रधानमंत्री से बात करने को कहा गया। आखिरकार बिना सीधे बात के संदेश आया- ‘जो ठीक लगे, वही करो।’ राहुल ने आरोप लगाया कि उस दिन सरकार ने सेना को अकेला छोड़ दिया।
उन्होंने संसदीय परंपराओं का उल्लंघन करने पर भी निशाना साधा। राष्ट्रपति अभिभाषण के बाद विपक्ष के नेता को बोलने का मौका मिलना चाहिए था, जो नहीं दिया गया।
महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए गोरखपुर की 22 फरवरी की घटना का जिक्र किया। नागालैंड की महिला डॉक्टर का पीछा, अपमानजनक टिप्पणियां और कथित बलात्कार- यह पूर्वोत्तर महिलाओं के लिए खतरे की घंटी है।
यूथ कांग्रेस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘तुम बब्बर शेर हो, किसी से नहीं डरोगे।’ सभा में जोश का ठाठ रहा।