
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर जनता को भ्रमित करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है। मतदाता स्याही को लेकर छिड़े विवाद के बीच राहुल ने कहा कि आयोग लोकतंत्र की रक्षा करने के बजाय लोगों को गुमराह कर रहा है।
राहुल गांधी ने एक सभा में बोलते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘चुनाव आयोग जनता को गुमराह कर रहा है। यह स्याही का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।’ उन्होंने दावा किया कि स्याही आसानी से धुल जाती है, जिससे दोहरी वोटिंग का खतरा बढ़ गया है। विपक्षी नेता ने आयोग से पारदर्शी जांच की मांग की है।
इस पर भाजपा ने तत्काल पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता ने राहुल के बयान को राजनीतिक स्टंट करार दिया। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस हमेशा चुनाव हारने पर ऐसी चालें चलती है। स्याही दशकों से सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रही है।’ भाजपा ने कांग्रेस के पुराने चुनावी हारने के इतिहास का जिक्र कर आयोग का बचाव किया।
यह विवाद तब भड़का जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए, जिनमें मतदाताओं ने स्याही को साधारण रसायनों से हटाते दिखाया। चुनाव आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह अलग-थलग घटनाएं हैं। फिर भी, राहुल का हमला आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को गरमा सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह मुद्दा मतदाता विश्वास को प्रभावित कर सकता है। क्या आयोग ठोस कदम उठाएगा या यह राजनीतिक बवाल मात्र साबित होगा? आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। लोकतंत्र की मजबूती के लिए पारदर्शिता जरूरी है।