
नई दिल्ली। देश भर में ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाई गई महाहड़ताल को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुला समर्थन दिया है। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने मजदूरों व किसानों के संघर्ष में अपनी मजबूत एकजुटता जताई।
राहुल गांधी ने लिखा कि लाखों मजदूर और किसान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। चार श्रम कानूनों से मजदूरों के अधिकार खतरे में हैं, वहीं व्यापारिक समझौतों से किसानों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। मनरेगा को कमजोर करने से ग्रामीण क्षेत्रों का सहारा छिन जाएगा।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि नीतिगत फैसलों में इनकी आवाज दबाई गई। ‘क्या अब सरकार सुनेगी या बाहरी पकड़ इतनी मजबूत है?’ पूछते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं इनके मुद्दों और संघर्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं।’
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को कृषि, डेयरी और ग्रामीण रोजगार के लिए घातक बताया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के भरोसे के उलट यह खेती को एफटीए के दायरे में ला रहा है। न्यूजीलैंड, ईयू और यूके के समझौतों पर भी चिंता है।
किसान यूनियनों ने मांग की है कि सरकार व्यापार वार्ताओं में कृषि-डेयरी पर स्पष्ट रुख अपनाए और देशी किसानों को नुकसान से बचाए। राहुल के बयान से हड़ताल को नई गति मिली है, जो आर्थिक न्याय की लड़ाई बनती जा रही है।