
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को संसद में हवाई यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को उठाया। उन्होंने सरकार से ‘उड़ान यात्री कैफे’ योजना को देश के सभी 150 से अधिक हवाई अड्डों पर फैलाने की मांग की। चड्ढा ने कहा कि हवाई अड्डों पर भोजन की ऊंची कीमतें यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं।
उन्होंने चुनिंदा हवाई अड्डों पर इसकी शुरुआत की तारीफ की, लेकिन जोर देकर कहा कि यह पर्याप्त नहीं। केवल 10-12 जगहों पर उपलब्धता के बजाय हर छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर सस्ते नाश्ते और चाय-पानी मिलना चाहिए। विशेष रूप से चेक-इन और सिक्योरिटी चेक के बाद के क्षेत्र में इन कैफे की जरूरत है, जहां यात्री सबसे ज्यादा इंतजार करते हैं।
चड्ढा ने बताया कि वर्तमान में ये कैफे प्री-सिक्योरिटी जोन में हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। लंबी कतारें, सीमित मेनू और क्षमता की कमी से परेशानी बढ़ जाती है। सरकार को इन्हें एयरसाइड में शिफ्ट करना चाहिए ताकि हर यात्री आसानी से 10 रुपये की चाय या 20 रुपये के स्नैक्स ले सके।
हवाई यात्रा को सुलभ बनाने के लिए किफायती भोजन बुनियादी सुविधा है, न कि विलासिता। फरवरी 2026 में शुरू हुई यह योजना ऊंची कीमतों का समाधान है, लेकिन विस्तार जरूरी। चड्ढा की यह अपील हवाई यात्रियों के हित में एक सकारात्मक कदम हो सकती है।