
मुंबई। लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर रचित रोझा ने ‘द 50’ शो से विदाई के बाद अपने रोमांचक अनुभव साझा किए। उनका बेधड़क अंदाज दर्शकों को भाया और इसी ने उन्हें लंबे समय तक अकेले दम पर टिकाए रखा।
खास बातचीत में रचित ने बताया कि हरियाणा के मजबूत पृष्ठभूमि ने उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार किया। ‘ऑफर मिला तो लगा नया प्लेटफॉर्म है, क्यों न ट्राई करें। फैंस लंबे समय से रियलिटी शो के लिए उकसा रहे थे।’
महल में प्रवेश पर हंसी उड़ाई, ‘थर्माकोल का लग रहा, शो बाद तोड़ देंगे।’ रणनीति साफ थी—हर टास्क में पूर्ण समर्पण।
जर्नी पर कहा, ‘पालन-पोषण ने मुझे हर तरह से मजबूत बनाया। टास्क्स में जिम वाले से बेहतर करने पर जड़ों पर गर्व हुआ।’
पहचान बनाना आसान, ‘सोशल मीडिया पर जीरो से मेहनत से नाम कमाया। यहां भी सर्वश्रेष्ठ पर फोकस।’
गेम में ईमानदारी, ‘मूल्यों से समझौता नहीं। दिल जीतना ट्रॉफी से बड़ा।’
प्रिंस-करण के बाद गद्दारी के आरोप पर, ‘वचन निभाओ। करनी कथनी से ऊपर।’
करण से तकरार, ‘टास्क पर ध्यान, लेकिन अपमान सहूंगा नहीं। आत्मसम्मान पहले।’ रचित का सफर प्रेरणादायक।