
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2025-26 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट को महिलाओं की शक्ति और ‘बदलता पंजाब’ के विजन को साकार करने वाला बताया गया। स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल व कल्याण पर खास जोर。
राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत, 2025-26 में जीएसडीपी 28.91 लाख करोड़, अगले साल 10% वृद्धि से 9.81 लाख करोड़ का अनुमान। 2026-27 के लिए व्यय 12.60 लाख करोड़, राजस्व घाटा 2.06% व राजकोषीय घाटा 4.08%।
महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ से सभी को 1000 व एससी महिलाओं को 1500 रुपये मासिक डीबीटी से।
शिक्षा को 19,279 करोड़ (7% बढ़ोतरी) : 20,000 स्कूलों में 99% चारदीवारी, शौचालय, डेस्क, सफाईकर्मी 8286, सुरक्षाकर्मी 3000+, कैंपस मैनेजर 1798। 6200 नई कक्षाएं, 4700 जीर्णोद्धार; 690 करोड़ बुनियादी ढांचे व सौंदर्यीकरण पर।
नशे के खिलाफ 5000 होमगार्ड सीमांत पर, 110 करोड़ एंटी-ड्रोन, 150 करोड़ ड्रग सेंसस।
112 सेवा मजबूत: 758 कारें, 916 बाइक से 8 मिनट प्रतिक्रिया (125 करोड़), मोहाली मुख्यालय 53 करोड़।
‘खेड़ड़ा पंजाब, बदलदा पंजाब’ से ग्रामीण मैदान, 3000 जिम; खेल को 979 करोड़।
स्वास्थ्य 5598 करोड़, 778 करोड़ से 10 लाख कैशलेस/परिवार। ग्रामीण विकास 2873 करोड़, शहरी 225 करोड़+347 ई-बस। 300 यूनिट मुफ्त बिजली (7614 करोड़)। कृषि 14524 करोड़, कल्याण 9340 करोड़, उद्योग नीति 250 करोड़।
यह बजट पंजाब की प्रगति का नया अध्याय है।