
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की लंबी अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई करते हुए आबकारी एवं कर विभाग के चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। यह कदम ‘डीम्ड इस्तीफा नियम’ के तहत उठाया गया, जो एक साल से ज्यादा समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर लागू होता है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य कर आयुक्त जतींदर जोरवाल ने सरकार के निर्देश पर यह आदेश जारी किया। बर्खास्तगी वाले कर्मचारियों में तीन आबकारी एवं कर निरीक्षक और एक क्लर्क शामिल हैं। इन सभी को बार-बार नोटिस दिए गए और मौके भी दिए गए, लेकिन वे दफ्तरों में हाजिर नहीं हुए। विभागीय जांच पंजाब सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 1970 के अनुसार पूरी की गई।
जांच में पाया गया कि जालंधर-2 में तैनात एक निरीक्षक मार्च 2023 से ड्यूटी पर नहीं लौटा, जबकि उसकी छुट्टी रद्द हो चुकी थी। दूसरा निरीक्षक जून 2023 से गैरहाजिर था और निलंबन के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। रोपड़ रेंज का एक निरीक्षक मई 2021 से अनुपस्थित है, जो विदेश यात्रा के बाद वापस नहीं आया। जालंधर ऑडिट विंग का क्लर्क सितंबर 2023 से बिना अनुमति गैरहाजिर है, जबकि उसकी विदेश छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई थी।
नियमों के अनुसार, एक वर्ष से अधिक बिना स्वीकृत छुट्टी के गैरहाजिर रहने पर कर्मचारी को ‘डीम्ड रिजाइन’ माना जाता है। इसलिए चारों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं और उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी या अन्य लाभ नहीं मिलेंगे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के लिए सरकारी नौकरी में कोई जगह नहीं। यह कार्रवाई पंजाब में सरकारी अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।