
जमशेदपुर, 3 मार्च। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति को लेकर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह संघर्ष लंबे समय तक चला तो वैश्विक व्यापार, आपूर्ति शृंखला और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा की 187वीं जयंती पर जमशेदपुर पहुंचे चंद्रशेखरन ने टाटा स्टील परिसर में आयोजित समारोह में संस्थापक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहरवासियों को संस्थापक दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने मीडिया से खुलकर बात की।
मध्य पूर्व से समूह को चूना पत्थर जैसे कच्चे माल की आपूर्ति होती है। वैश्विक कारोबार होने से लंबे युद्ध का असर डिलीवरी, शिपिंग और स्थिरता पर होगा। हालांकि, अभी तक टाटा या भारत पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है।
विश्व भर में फैले कर्मचारियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। मैन्युफैक्चरिंग, सेवाओं, होटलों आदि में कार्यरत लाखों लोगों और उनके परिवारों की चिंता कंपनी कर रही है।
रोजगार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नई इकाइयों से अवसर बढ़ रहे हैं। कर्मचारी संख्या 7 लाख से 11 लाख हो चुकी है, अगले 5-6 वर्षों में 15 लाख का लक्ष्य। महिलाओं की हिस्सेदारी 28-30% तक ले जाने की योजना है।
आईटी में नई तकनीकों से चिंताएं हैं, लेकिन एआई स्टील, ऑटो, वित्त等领域 में नए रास्ते खोलेगा, जो टीसीएस को लाभ देगा। टाटा स्टील सीईओ टीवी नरेन्द्रन समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।