
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की नीतियों पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में देशहित में संतुलित विकास की अपेक्षा है।
भारत की अर्थव्यवस्था तीसरी सबसे बड़ी बनने के दावों के बावजूद प्रति व्यक्ति आय में कोई खास सुधार नहीं। बेरोजगारी चरम पर है और किसानों की दुर्दशा चिंतनीय बनी हुई है।
अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ जबकि भारत के निर्यात पर 18 प्रतिशत का बोझ किसानों के लिए घातक है। पड़ोसी बांग्लादेश से तुलना और कूटनीतिक तनाव पर भी उन्होंने चिंता जताई।
इतिहास के साथ छेड़छाड़ और पूर्व नेताओं की उपेक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने जवाबदेही की मांग की। संसद में महिलाओं के प्रदर्शन को पीएम सुरक्षा के खतरे से जोड़ना शर्मनाक है।
संसद सर्वाधिक सुरक्षित स्थल है। 2029 में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के बाद यदि विरोध होता है तो क्या संसद बंद रहेगी? मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बावजूद सत्ता की जुगाड़बाजी लोकतंत्र के लिए खतरा।
आर्थिक नीतियां, व्यापार असंतुलन, बेरोजगारी, किसान हित और महिला सुरक्षा पर त्वरित कार्रवाई जरूरी। भाषणबाजी से आगे बढ़कर वास्तविक परिवर्तन लाएं, तभी जनता का भरोसा बनेगा।