
झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने सभी के दिलों को छू लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दो कार्यक्रमों में शरीक होकर एयरपोर्ट लौट रही थीं, तभी बारिडीह क्षेत्र में उन्होंने अचानक काफिले को रोक दिया। गाड़ी से उतरकर वे सीधे सड़क किनारे खड़े लोगों के बीच पहुंच गईं।
मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा थे। तिरंगा थामे महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों से उनकी एक झलक के लिए बेताब थे। काफिला आते ही नारों की गूंज गूंजी।
राष्ट्रपति ने तुरंत रुकने का इशारा किया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच वे उतरीं, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ीं। लगभग डेढ़ सौ कदम पैदल चलकर उन्होंने बच्चों को चॉकलेट बांटी। बच्चे खुशी से उछल पड़े, अभिभावक मोबाइल पर यह पल कैद करते रहे।
सुरक्षा ने मुलाकात में कोई रुकावट नहीं आने दी। एक छात्रा ने कहा, ‘इतने करीब से राष्ट्रपति को देखना अविस्मरणीय है।’ एक महिला बोलीं, ‘दो घंटे का इंतजार उनकी सादगी ने मिटा दिया।’
झारखंड आने पर राष्ट्रपति मुर्मु हमेशा प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर लोगों से जुड़ती हैं। पिछले साल दिसंबर में एनआईटी जमशेदपुर दीक्षांत के बाद सरायकेला लौटते हुए आकाशवाणी चौक पर भी उन्होंने यही किया था।
यह उनकी आत्मीयता का प्रतीक है, जो राष्ट्रपति भवन को आमजन से जोड़ता है। काफिला रवाना होने पर भीड़ ने जोरदार नारे लगाए।