
अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मार्च में अयोध्या आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया है। भगवान राम के दर्शन और पूजन के लिए उनका स्वागत होने की पूरी उम्मीद है।
मिश्रा ने पत्रकारों से कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने राष्ट्रपति से भेंट की और उन्हें निमंत्रित किया। हालांकि औपचारिक पुष्टि बाकी है, लेकिन अनौपचारिक जानकारी से पता चला है कि उन्होंने सहमति जताई है। हम मार्च में उनके दौरे की आशा कर रहे हैं।
यह निमंत्रण 22 जनवरी 2024 को हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य भूमिका निभाई। करीब 7 हजार अतिथियों ने शिरकत की, जिनमें संत, उद्योगपति, खिलाड़ी और सिनेमा जगत के सितारे शामिल थे।
समारोह के ठीक अगले दिन तीन लाख भक्त राम लला के बाल रूप की मूर्ति के दर्शन को उमड़े, जबकि उतनी ही संख्या में लोग इंतजार में थे। मंदिर में भक्तों का सैलाब लगा हुआ है।
मिश्रा ने रामायण की प्राचीन पांडुलिपियों के संग्रह की भी जानकारी दी। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने ट्रस्ट को 400 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि भेंट की है, जो वाल्मीकि रामायण पर आधारित है। पहले राष्ट्रपति भवन में रखी यह पांडुलिपि अब मंदिर की दूसरी मंजिल पर विशेष स्थान पर संरक्षित होगी।
ट्रस्ट विभिन्न भारतीय भाषाओं में रामायण ग्रंथों को एकत्र कर धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र विकसित करने की योजना बना रहा है। राष्ट्रपति का दौरा इस विरासत को नई ऊंचाई देगा।